लापरवाही और हेराफेरी को दबाने के लिए बागली वन विभाग कर रहा है चोरी के आरोप लगाए जाने का प्रयास।
वन विभाग के पहले हमारे संवाददाता ने ढूंढ निकाले तार व फेंसिंग जाली।
बागली से मुकेश गुप्ता की रिपोर्ट।

बागली रेंज की पलासी बीट के कक्ष
क्रमांक 750 में केम्पा प्लांटेशन योजना अंतर्गत बांस वृक्षारोपण में लाखों रूपयों की हेराफेरी का मामला उजागर होने के बाद वन विभाग हरकत में आया है।
वन विभाग द्वारा सभी बिंदूओ की जांच की जा रही है, लेकिन जांच में निष्पक्षता का अभाव प्रथम दृष्टिया सामने आ रहा है और पुरे मामले की दिशा बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उक्त मामले में वन विभाग ने प्लांटेशन को नुकसान पहूँचाने, अवैध सागौन कटाई, अतिक्रमण व तार फेंसिंग जाली चोरी का आरोप लगाकर बजरंगगढ के एक आदिवासी गुमानसिंह पिता मालसिंह भील को आरोपी बनाया है। बागली रेंजर गजानंद बिड़ला ने बताया कि तार फेंसिंग जाली चोरी के मामले में बागली थाने में एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए कार्यवाही की जा रही है, वही बांस वृक्षारोपण व जंगल नुकसानी को लेकर वन विभाग द्वारा उक्त आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
बागली टी आई प्रदीप राय ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी तार फेंसिंग जाली चोरी की रिपोर्ट लिखाने आए थे, लेकिन अभी इस मामले में ओर जांच किए जाने का कहकर चले गए, ऐसे में अभी हमने रिपोर्ट दर्ज नही की है।

बडा सवाल —
तार व फेंसिंग जाली चोरी के मामले में आज एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है।
उक्त सामग्री चार माह पूर्व से ही रुपलीपुरा पठार के रूखडिया भाई के यहाँ रखी हुई है तो फिर बांस वृक्षारोपण के पहले मोके पर लगाई क्यों नहीं गई, इसके पीछे वन विभाग की आखिर क्या मंशा थी ओर फिर उक्त आरोपी के ऊपर चोरी का आरोप कैसे लगाया जा सकता है। इधर उक्त योजना अंतर्गत डबरी कंटूर, चेकडेम आदि निर्माण कार्यों में जितने घनमीटर कार्य होना था, उतना कार्य मोके पर हुआ ही नहीं। हमारे संवाददाता मुकेश गुप्ता ने संपूर्ण प्लांटेशन का भ्रमण कर हकीकत को सामने रखा है। इसके बावजूद वन विभाग अपना बचाव करते हुए पुरे मामले की दिशा बदलने के प्रयास कर रहा है, लेकिन सच किसी से छुपता नहीं है। हमारे संवाददाता ने तार व फेंसिंग जाली कहाँ रखी हैं, इसकी विडियो फोटो सबूत के साथ देवास डीएफओ बी के पटेल को भी आज प्रेषित किए हैं, जो झुठ से पर्दा उठाने के लिए काफी है।इधर वरिष्ठ पत्रकार पर्यावरण सुरक्षा समिति से जुड़े विनय बोथरा सहित क्षेत्रवासियों ने संपूर्ण मामले में निस्पक्ष जांच की मांग करते हुए वन विभाग से पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से न्याय की उम्मीद की मांग की है।
