परोपकार परहित परमार्थ की त्रिवेणी नारायण दादा नहीं रहे।
अधिवक्ता प्रवीण चौधरी
बागली।
जटाशंकर धाम से लेकर शिवपुर तीर्थ तक दानशीलता।
समर्पण निष्ठा आस्था के भाव से कार्य करने वाले नयापुरा के श्री नारायण सिंह जी पाटीदार के निधन पर आयोजित शोक सभा में श्रद्धांजलि देते हुए अधिवक्ता प्रवीण चौधरी ने कहा कि श्री नारायण दादा परमार्थ परोपकार परहित की त्रिवेणी थे। चौधरी ने कहा कि उन्होंने अपना कण-कण छण छण जटाशंकर महादेव की सेवा में समर्पित किया। श्रद्धांजलि सभा में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जटाशंकर के उन्नयन के लिए उन्होंने जीवन पर्यंत कार सेवक के रूप में सेवाए दी।
प्रातः वे अपने घर से टिफिन लेकर जटाशंकर आ जाते थे
और देर रात्रि तक जटाशंकर में
सेवा की अलख जगाते थे। वे सिंगल मेन आर्मी के रूप में पूरे अंचल में प्रसिद्ध थे।
अतिथि सत्कार में उनकी कोई सानी नहीं थी। भंडारा होअथवा अन्न क्षेत्र नारायण दादा मुक्त हस्त से सेवा कार्य करते थे।
सबसे महत्वपूर्ण विशेषता
श्री नारायण दादा की यह थी की
वे प्रचार प्रसार एवं फूल मालाओं से हमेशा दूर रहते थे। और बुनियादी स्वयंसेवक के रूप में
निरंतर अपनी सेवाएं देते थे।
वक्ताओं ने कहा कि नर से नारायण बनाने वाले नारायण दादा का निधन अपूरणीय क्षति है। नारायण दादा का महाप्रयाण
नारायण धाम की ओर हुआ है।
संत श्री बद्री दास जी महाराज
विधायक श्री मुरली भंवरा,
राजा श्री श्री राघवेंद्र सिंह
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह धर्मेंद्र सेंधव नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कमल यादव, वागयोग चेतना पीठम के पंडित ओम शर्मा नयापुरा के आचार्य पंडित संजय शर्मा संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी रामनारायण यादव, नयापुरा के पूर्व सरपंच
बाबूलाल कंठाली, समाजसेवी बंशीधर सिसोदिया, महेश सोनी
राजेंद्र पाल सिंह सेंगर, मुकेश गोस्वामी नाथू सिंह सेंधव विनय बोथरा रवि पाटीदार ठाकुर तवर सुनील योगी, मनोज बम
डॉ सुनील उपाध्याय समाजसेवी कासम भाई, अनुराग गुप्ता, ऑक्सफोर्ड मालवा अकादमी के श्री भारत पाटीदार शिक्षक श्री सुनील पाटीदार वारिस अली
समाजसेवी श्री बाबूलाल राणा।
सालग राम पाटीदार, इंद्र नारायण पंचोली राजेश बजाज आदि ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की
श्री नारायण सिंह जी पाटीदार के निधन से समूचे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त हो गई। पूरे नयापुरा गांव में सन्नाटा छा गया। नयापुरा के प्रतिष्ठान बंद होगए। ग्राम वासी शोक संतप्त हो गए।
श्री नारायण सिंह जी पाटीदार की अंतिम यात्रा में हजारों लोगों ने भाग लिया। ।
